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नेपाल के पहाड़ो से जल छोड़ने पर बिहार जलमग्न




नेपाल के पहाड़ो से लाख छत्तीस हज़ार क्यूसेक घनसेक जल छोड़ने पर बिहार की गंडक नदी विकराल रूप धारण कर ली। बिहार के गोपालगंज जिले में हज़ारों गाँव जलमग्न हो गपा। पानी छोड़ने के कारण सारण और चंपारण तटबंध तीन जगह टूट गए। इसके अतिरिक्त कई जगहों पर पानी बांध के ऊपर से बहने लग गए हैं। गोपालगंज के मांझागढ़ के पास सारण तट बंध दो स्थानों पर टूट गया। इससे 34 गांव जलमग्न हो गए। 
गोपालगंज के बरौली प्रखण्ड के देवापुर में सारण तटबंध

बरौली प्रखण्ड के नए इलाको में लगातार घुस रहा है, बाढ़ का पानी। बरौली नगर पंचायत के सभी वार्ड पानी मे डूबे। सरेया, नेउरी, एकडेरवा, नवादा, मोहम्मदपुर निलामी , बघेजी सहित कई नए गांव गंडक का पानी से जलमग्न हो रहे है।

बाढ़ के पानी से दरभंगा- समस्तीपुर रेलखंड पर ट्रेनों का परि-चालन ठप हो गया है। समस्तीपुर से ट्रेनें अब सीतामढ़ी रूट बदलकर चलाई जा रही हैं। दूसरी तरफ पूर्वी चंपारण के सुगौली में भी रेल ट्रैक पर बाढ़ का पानी चढ़ गया है, यहाँ पर किसी प्रकार रेल आवागमन बाधित नही है।
बिहार सरकार के द्वारा हवाई सर्वेक्षण
जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा, विभाग के सचिव।संजीव हंस और आपदा के प्रधान सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने शुक्रवार को हवाई सर्वे कर स्थिति की जानकारी ली। 
राहत और बचाव
आज दिनांक 25 जुलाई शनिवार से तीन हेलीकॉप्टर के द्वारा
पैकेट गिराए जाएंगे। दो हेलीकॉप्टर दरभंगा से संचालित होंगे, जिनसे दरभंगा और मोतिहारी के क्षेत्रों में फ़ूड पैकेट्स गिराए जाएंगे। एक हेलीकॉप्टर पटना से संचालित होगा, जिसके द्वारा
गोपालगंज जिले में पैकेट पहुंचाए जाएंगे।


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